ओपन अकाउंट (उधार खाता) क्या है?

ओपन अकाउंट वह तरीक़ा है जिसमें माल या सेवा देकर उसकी रकम तुरंत नहीं ली जाती, बल्कि ग्राहक के नाम पर खोले गए खाते में उधार के रूप में लिख दी जाती है। डिलीवरी उधार के रूप में और भुगतान जमा के रूप में जुड़ते जाते हैं; दोनों का अंतर उस ग्राहक का मौजूदा बकाया होता है और खाता सहमत तारीख़ पर बंद किया जाता है।

आख़िरी अपडेट: 9 सितंबर 2026

ओपन अकाउंट कैसे काम करता है?

इसके चार चरण हैं। समझौता: ग्राहक के साथ एक अधिकतम सीमा (लिमिट) और भुगतान की अवधि तय होती है — जैसे “महीने में एक बार हिसाब बंद करेंगे” या “डिलीवरी के 30 दिन बाद”। डिलीवरी और एंट्री: माल जाते ही उसी दिन खाते में उधार लिखा जाता है; तारीख, रकम और क्या दिया गया, यह न लिखा जाए तो बाद में याद नहीं रहता। अवधि के दौरान लेन-देन: नई डिलीवरी उधार बढ़ाती है, मिला हर भुगतान उसे घटाता है। कट-ऑफ़ और वसूली: तय तारीख़ पर विवरण निकाला जाता है, दोनों पक्षों के आँकड़े मिलाए जाते हैं और बकाया वसूल किया जाता है।

इस रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था को “cari hesap” (ग्राहक/पार्टी खाता, यानी लेनदारी-देनदारी का चालू खाता) कहते हैं; उधार और जमा किस तरफ़ लिखा जाता है, यह हमने ग्राहक खाता क्या है पेज में समझाया है।

ओपन अकाउंट, उधार और ग्राहक खाते में अंतर

तीनों अक्सर एक ही चीज़ के अलग-अलग नाम हैं; फ़र्क़ इसमें है कि इसे कौन किसके साथ इस्तेमाल करता है।

शब्दक्या बताता हैकौन इस्तेमाल करता है
ओपन अकाउंटकाम करने का तरीक़ा: नकद नहीं, खाते में लिखकर बिक्रीआम तौर पर व्यवसायों के बीच (थोक विक्रेता–किराना दुकान, निर्माता–डीलर)
उधार (veresiye)इसी तरीक़े का छोटे दुकानदारों की बोलचाल में नामखुदरा दुकानदार और अंतिम ग्राहक के बीच
ग्राहक खाता (cari hesap)रिकॉर्ड रखने की विधि: उधार, जमा और चालू बकायादोनों में रिकॉर्ड यहीं रखा जाता है

यानी “ओपन अकाउंट पर काम करना” एक व्यापारिक फ़ैसला है; “ग्राहक खाता रखना” उस फ़ैसले का रिकॉर्ड सही तरह से रखना है। उधार बही कैसे रखें पेज में बताए गए पाँच खाने ओपन अकाउंट पर भी ज्यों-के-त्यों लागू होते हैं; चालू बकाया और पिछली बकाया (ब्रॉट फ़ॉरवर्ड) वाली पंक्ति के साथ भरे हुए रिकॉर्ड को उधार बही का नमूना पेज पर पंक्ति-दर-पंक्ति देख सकते हैं।

ओपन अकाउंट की लिमिट क्या है और कैसे तय करें?

लिमिट वह अधिकतम रकम है जितना उधार आप किसी ग्राहक को बिना भुगतान के जमा होने देते हैं। व्यावहारिक शुरुआत: ग्राहक एक भुगतान अवधि में औसतन जितना माल लेता है, उससे ऊपर न जाएँ। जो ग्राहक महीने में औसतन 8.000 ₺ का माल लेता है और 30 दिन में हिसाब बंद करता है, उसके लिए 8.000–10.000 ₺ की सीमा उचित है; उसकी भुगतान की आदत देखते हुए आप इसे बढ़ा सकते हैं।

नए ग्राहक को पहली बार में बड़ी रकम न खोलें। छोटी लिमिट से शुरू करके दो अवधियों तक नियमित भुगतान देखना जोखिम परखने का सबसे सस्ता तरीक़ा है। लिमिट भर जाए तो नई डिलीवरी से पहले वसूली माँगें — लिमिट तभी काम करती है जब भर जाने पर आप रुक सकें।

ओपन अकाउंट कैसे खोला जाता है?

क्रम से: ग्राहक का नाम और फ़ोन नंबर दर्ज करें (बिना फ़ोन नंबर वाला खाता अक्सर वह खाता होता है जिसकी वसूली नहीं हो पाती); लिमिट और भुगतान की अवधि पर बात करें और पक्का करें कि दोनों को पता है; अगर पिछला उधार बाक़ी है तो उसे शुरुआती बकाया के रूप में एक बार लिखें; पहली डिलीवरी उसी दिन दर्ज करें।

बड़ी रकम पर लिखित दस्तावेज़ — ऑर्डर फ़ॉर्म, डिलीवरी चालान (irsaliye, यानी माल भेजने की रसीद) या उधार स्वीकृति पत्र — लेना वसूली की समस्या में आपकी स्थिति मज़बूत करता है। ओपन अकाउंट की एंट्री अपनी लेनदारी पर नज़र रखने का निजी रिकॉर्ड है; बिक्री को फिर भी रसीद या बिल से दर्ज करना ज़रूरी है।

ओपन अकाउंट कैसे बंद किया जाता है?

बंद करना एक ही क़दम नहीं है। पहले कट-ऑफ़ तारीख़ तय करके उस तारीख़ तक का विवरण निकालें। फिर दूसरे पक्ष के रिकॉर्ड से मिलान करें: अंतर निकले तो लगभग हमेशा कारण रकम नहीं, बल्कि किसी लेन-देन का दोनों तरफ़ अलग तारीख़ में दर्ज होना होता है। आँकड़े मिल जाने के बाद बचा हुआ बकाया वसूल करें और खाते के बंद होने की लिखित पुष्टि लें।

इस विवरण को खाता विवरण (cari ekstre) कहते हैं — इसके कॉलम कैसे पढ़ें और दोनों रिकॉर्ड का मिलान कैसे करें यह अलग पेजों में नमूना तालिकाओं के साथ समझाया गया है।

तीन आम ग़लतियाँ

बिना देय तारीख़ के काम करना। “दे ही देगा” सोचकर जिस खाते की तारीख़ तय नहीं होती, वह ट्रैक नहीं हो सकता; जिस लेनदारी की भुगतान तारीख़ ही नहीं, उसके बारे में आप यह भी नहीं कह सकते कि वह लेट हो गई। एंट्री को बाद पर छोड़ना। डिलीवरी को शाम को इकट्ठा लिखने के लिए छोड़ेंगे तो कोई न कोई आइटम ज़रूर छूट जाता है, और छूटा हुआ आइटम ग्राहक के फ़ायदे में खो जाता है। लिमिट भरने पर न रुकना। लिमिट अगर पार होने पर लागू नहीं होती, तो वह लिमिट नहीं है।

इसी शब्द के दूसरे अर्थ

यह पेज ओपन अकाउंट का व्यापार में अर्थ बताता है। यही शब्द बैंकिंग और सोशल मीडिया में दूसरी चीज़ों के लिए भी इस्तेमाल होता है; वहाँ के उपयोग इस पेज का विषय नहीं हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ओपन अकाउंट का क्या मतलब है?

यह माल देकर उसकी रकम बाद में लेने की व्यवस्था है। हर डिलीवरी ग्राहक के खाते में उधार लिखी जाती है, हर भुगतान इस उधार को घटाता है; बीच का अंतर उस व्यक्ति का मौजूदा बकाया होता है।

क्या ओपन अकाउंट और उधार एक ही चीज़ हैं?

दोनों एक ही काम बताते हैं। “उधार” मोहल्ले के दुकानदार और अंतिम ग्राहक के बीच, “ओपन अकाउंट” ज़्यादातर व्यवसायों के बीच इस्तेमाल होता है। दोनों में रिकॉर्ड ग्राहक खाते में रखा जाता है।

ओपन अकाउंट की लिमिट क्या है?

यह वह अधिकतम रकम है जितनी आप किसी ग्राहक को बिना भुगतान के जमा होने देते हैं। लिमिट भर जाने पर नई डिलीवरी के लिए पहले वसूली का इंतज़ार किया जाता है।

किस्तों वाला ओपन अकाउंट क्या है?

जमा हुए बकाया का एक साथ नहीं, बल्कि सहमत तारीख़ों पर हिस्सों में भुगतान होना। हर किस्त खाते में जमा के रूप में दर्ज होती है और बचा हुआ बकाया अपने-आप घट जाता है।

ओपन अकाउंट कैसे बंद किया जाता है?

पहले दोनों पक्षों के रिकॉर्ड का मिलान किया जाता है (mutabakat, यानी बैलेंस कन्फ़र्मेशन), अंतर हो तो दूर किया जाता है, फिर बचा हुआ बकाया वसूल करके खाते के बंद होने की लिखित पुष्टि ली जाती है।

क्या ओपन अकाउंट पर काम करना जोखिम भरा है?

जोखिम बिना लिमिट और बिना देय तारीख़ के काम करने से पैदा होता है। हर ग्राहक के लिए एक अधिकतम सीमा और एक भुगतान तारीख़ तय हो तो ओपन अकाउंट बिक्री बढ़ाने वाला तरीक़ा है।

ओपन अकाउंट को ट्रैक करने वाली स्क्रीन

होम स्क्रीन: उधार, वसूली, देनदारी और भुगतान बस एक टैप दूर
होम स्क्रीन: उधार, वसूली, देनदारी और भुगतान बस एक टैप दूर
ग्राहक सूची: फ़ोन नंबर और मौजूदा बकाया साथ-साथ
ग्राहक सूची: फ़ोन नंबर और मौजूदा बकाया साथ-साथ
खाता विवरण: एक ग्राहक का पूरा लेन-देन तारीख़ के क्रम में
खाता विवरण: एक ग्राहक का पूरा लेन-देन तारीख़ के क्रम में
नया उधार: ग्राहक, रकम और देय तारीख; बचा हुआ बकाया तुरंत
नया उधार: ग्राहक, रकम और देय तारीख; बचा हुआ बकाया तुरंत

अपने ओपन अकाउंट एक ही स्क्रीन पर देखें

किस पर कितना बकाया है, किस खाते की देय तारीख़ निकल गई, बाज़ार में कितना पैसा फँसा है — सब तैयार।

मैं पहले Excel से आज़माना चाहता हूँ